December 2012
अभिव्यक्ति के सारे ख़तरे

December 27 2012

सर्दियाँ आती हैं और हम कम्बल बाँटते हैं। लेकिन उससे संतोष कम, दुःख और असंतोष की भावना ही ज्यादा प्रबल होती है। ग़रीबी का ये आलम, देख कर ही यकीन में बदल सकता है। वो मिटटी मैं काम करते करते काले पड़े हाथ और नंगे चलने से फटे हुए पैर . आजादी को 66 साल हो गए लेकिन आर्थिक विषमता का ये वीभत्स चेहरा . कहाँ सोयी है सरकार ? कहाँ हैं वे जन प्रतिनिधि जो हजारों वोटों से यहाँ से जीत कर जाते हैं? क्यों नहीं वे यहाँ कभी लौट कर आते ?
ऐसे कुछ सवाल इस बार इन लोगों के बीच हमने छोड़े हैं? मुक्तिबोध के शब्दों में -
अब अभिव्यक्ति के सारे ख़तरे
उठाने ही होंगे।
तोड़ने होंगे ही मठ और गढ़ सब।
नगला खना से शुरू कर राजेपुर कुर्रा, मूंज खेड़ा होते हुए हम नगला नकारा पहुंचे। इस दौरान नगला चतुरी और नगला पद्म के साथी भी शामिल हुए जिनमें से कुछ को हम लोग मदद कर पाए। ये मदद भी कोई मदद है ! लेकिन जैसा कि किसी ने कहा है, 'A journey of thousand miles begins with one small step' We surely have taken that small step.
कडाके की इस सर्दी में जो साथी साथ रहे उनका शुक्रिया। ख़ास तौर से प्रभात भाई आपका। अब तो शाहिद को भी शुक्रिया कहना होगा आखिर वो हैदराबाद से चलकर जो आये हैं। धर्मेन्द्र, सुधीर जो लखनऊ से आये और साजिद, मनीष भाई , संजय भाई जिनके कारण ये सब intervention संभव हो पा रहे हैं। आरिफ़ और करुणेन्द्र के कारण कम्बल जुट सके उनको साधुवाद। जिन्होंने इस यात्रा को संभव बनाया कुलदीप भाई , आशीष, वीरभान का धन्यवाद और आभार .


Quiz, Debate and the Camp

November 23, 2012

पिछले साल दो अक्टूबर को हम ने एक सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया था। इस बार मित्रों ने कहा कि इसे बाल दिवस 14 नवम्बर को रखा जाय। नेहरु जी से हमें कोई आपत्ति नहीं लेकिन उन्हें याद करने वालों की इस देश में कोई कमी नहीं है . लेकिन ऐसे स्वतन्त्रता सेनानी जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग तक कर दिया उन्हें याद करने वाले लगातार कम होते जा रहे हैं। अतः निर्णय हुआ कि हम लाला लाजपत राय की पुन्य तिथि के अवसर पर इस आयोजन को करेंगे .
The preparations started quite in advance yet we had many things to fix even till the last day. Considering the huge issues we had on evaluation last year, we reduced the number of questions to 50. the preparation of paper was the responsibility of Shahid but he has now got busy with his work at Maulana Azad National Urdu University and therefore we had to do our bit. Thanx are due to Daya, Rajeev and Saurabh who made it possible in the given time frame. Raju and Rajesh also chipped in with their support.The estimated number of participants turned out to be way off the mark. We had taken a 1000 copies of the paper but the actual number was only 300.
This time we had prizes in both the boys and girls category since last time boys had cornered most of the prizes. The Certificates and trophies were good and could all be collected in time, thanks to the efforts of Himanshu and Daya.
It was also decided to conduct a debate on the issue of development vs environment. इधर debate चल रही थी उधर कॉपियां जाँच रहीं थी। बच्चे खूब बोले और अच्छा बोले। मोहित, योगेन्द्र और भास्कर ने जज की भूमिका बखूबी निभायी।
कॉपियां जाँचने में इस बार भी अच्छा खासा वक़्त लगा। काश हमारे पास OMR sheets होतीं और हम खट से evaluation कर पाते। शायद कभी वह दिन आएगा जब हम ये सब चीजें जुटा पायेंगे। परिणाम विवादों से परे रहे ये एक खुशी की बात रही। प्रतिभागियों ने धैर्य बनाए रखा उसके लिए उनका आभार। कहीं तीन बजे जाकर कार्यक्रम समाप्त हुआ। लेकिन सब कुछ सुगमता से हो गया इसका संतोष रहा।
नया ऑफिस देख हम एटा लौटे। खाना प्रभा रेस्टोरेंट में हुआ जो ठीक ही रहा। जो ठीक नहीं रहा वो ये कि संस्था अध्यक्ष ने एक नए कमरे में ज़मीन पर सोने का निर्णय लिया क्योंकि उस कमरे के लिए अभी हम bed खरीद नहीं पाए थे। अन्य कई लोगों को discomfort पहुँचाने की बजाय खुद ज़मीन पर सोने का निर्णय यूँ तो ठीक था लेकिन ठण्ड लग जाने के कारण वो जो बुखार से ग्रसित हो गयीं वो ठीक नहीं रहा। उसके बाद भी वो सिढपुरा कैंप में शामिल होने पहुँच सकीं उस से निश्चित ही टीम को अच्छी अनुभूति हुयी होगी।
हैल्थ कैंप में कैंसर मरीज़ तो काफी आये लेकिन सामान्य रोगियों के संख्या कम रही। शायद लोगों तक बात पहुँच नहीं पाई होगी। लेकिन जो तीन सौ लोग आये उन्हें सामान्य उपचार पहुंचा कर टीम को काफी संतोष मिला।
प्रभात भाई आ न सके , मनोज भाई को बुलाने की हिम्मत हम जुटा न सके। नीना नहीं आयीं वो कोई बात नहीं लेकिन लौट कर उन्होंने ये भी न पूछा कि कार्यक्रम कैसा रहा उसकी शिकायत तो हम कर ही सकते हैं। आने को तो आरिफ को भी आना था पर कोई बात नहीं। शाहिद को अब क्या कहें? सलाम भाई।
जो आये उनका शुक्रिया खास तौर से धर्मेन्द्र , सुधीर, योगेन्द्र का जो लखनऊ और कानपुर से आये। शुक्रिया मोहित , भास्कर , पूर्णेश , साजन , बबलू, अनुज , साजिद भाई, शाहिद, अमजद, अमान , मलिक भाई और पूरी पटियाली टीम का जो हर चीज़ को मुमकिन कर दिखाते हैं।


इफ्तार , किताबें, छात्र और शिक्षक

September 13 2012

रमजान के मुबारक महीने में अनुभूति ने हर साल की तरह इस साल भी एक रोज़ा इफ्तार का आयोजन किया . अमीर खुसरो लाइब्रेरी के प्रांगण में सैकड़ों रोज़ेदारों ने इफ्तार कर अनुभूति टीम को जो इज्ज़त बख्शी उस से हम सब अभिभूत हैं . मोहित, शाहिद , धर्मेन्द्र , सुधीर , अमरजीत , कमल सिंह, आरिफ , आसिम पहुंचे, उनका शुक्रिया . जो नहीं पहुँच सके उनसे उस दिन बहुत शिकायत थी लेकिन आज नहीं।
राकेश के कारण National Book Trust के सौजन्य से हम लोग पटियाली में एक पुस्तक मेले का आयोजन भी करा सके . सुखद बात यह रही कि इसमें लोगों ,खासकर छात्रों, की भागीदारी काफी अच्छी रही .काफी किताबें बिकीं और National Book Trust ने बहुत सारी किताबें donate भी कीं।निश्चित ही जब अनुभूति की लाइब्रेरी बनेगी तो ये किताबें उसकी शोभा बढायेंगीं . धन्यवाद राकेश का . शैलेन्द्र और असलम भाई का आना सुखद रहा।
तहसील क्षेत्र के इंटरमीडिएट में 75 प्रतिशत और हाईस्कूल में 80 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले छात्र-छात्राओं को मनोरमा इयर बुक देकर उनका हौसला बढ़ाने की हमारी कोशिश भी कामयाब रही।इस मौके पर कुछ स्कूल के मैनेजमेंट के लोगों को भी हम सम्मानित कर पाए।दिल्ली से सीबीआई के डीआईजी अमित कुमार इस प्रोग्राम में शामिल हुए और छात्रों का उत्साहवर्धन भी किया। शुक्रिया अमित भाई . पूरे समय मनोज भाई बहुत याद आये।
फिर आया Teachers Day और कई वर्षों की योजना के बाद अंततः हम इस बार उत्कृष्ट शिक्षकों के सम्मान का कार्यक्रम आयोजित कर ही ले गए .अच्छा ये रहा कि इस अवसर पर बेसिक शिक्षा की समस्याओं पर संगोष्ठी भी हो गयी। इसके निष्कर्ष सरकार तक पहुंचाने का हम प्रयास करेंगे। प्रोफेसर संजय भट्ट और नीना की उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा भी बढ़ गयी। आभार आप दोनों का।
अनुज , मोहित , धर्मेन्द्र , सुधीर , सैफू मौजूद रहे सो पूरी टीम का मन लगा रहा . शुक्रिया आप सबका और सलाम साजिद भाई और पूरी गंज , पटियाली व एटा टीम को।
टीम अनुभूति


शाहिद का जाना

August 19 , 2012

ये उन दिनों की बात है जब हम पटियाली में काम शुरू करने के बारे में सोच ही रहे थे. भोले बाबा ( मनोज भाई ) से मार्गदर्शन लेने गए तो उन्होंने कहा रुक मैंने शाहिद को बुलाया है . वो आ जायेगा तब बात करेंगे. उन्होंने कहा था अपने जैसा है तुझे जमेगा .फिर फ़ोन पर उन्होंने ने अपने चिर परिचित अंदाज़ में शाहिद को लेट होने के लिए डांटा भी था. भोले की बात को मैंने बहुत गंभीरता से नहीं लिया था.I
always thought he is prone to over rate people. पहली मुलाक़ात ठीक ठाक ही रही . It was neither greatly exciting nor routinely disappointing. उसके बाद हम न जाने कितनी बार मिले और न जाने पटियाली की हमने कितनी यात्रायें कीं. And this time Bhole, you were bang on the mark. अगर पटियाली में हम कुछ कर पाए हैं तो उसका प्रमुख श्रेय शाहिद को ही जाता है. बारिश में और बाढ़ में, आग में और धूप में शाहिद तुम ही थे जो गतिविधियों के केंद्र बिंदु में थे. साजिद भाई से बात करने से लेकर, समाचारों के प्रकाशन तक सब कुछ तुम ही देखते थे. व्यक्तिगत तौर पर मैंने तुम्हारी आलोचना भी बहुत की , drawing a parallel to Vimal being only one of them. उस सबके बावजूद न केवल तुमने हम सबको और ख़ास कर मुझे बर्दाश्त किया बल्कि अनुभूति को खड़ा करने में महती भूमिका भी निभायी. It was not with out reason that Bhole felt Shahid was giving more time to Anubhuti then to Sahyatri. And now all of a sudden we realise you will not be here.
Shahid has been selected as Associate Professor for the Department of Social Work, Maulana Azad National Open University, Hyderabad. It is a promotion for him and should make all of us happy. But the pain of parting is so overwhelming that we are not able to rejoice. We are sure if we had those extra 30000 rupees we wont let him go and he i am sure would have stayed back. But then fact of the matter is that all of us are struggling financially and he is the worst hit of us all.
He will be joining there on 16th August. All of us know this could have been around 8-9th August but Shahid chose to delay it for the programmes of Anubhuti on 11th & 12th August 2012. अब हमारा रिश्ता ऐसा नहीं बचा कि मैं तुम्हें इसके लिए शुक्रिया कहूं. I am known for putting up brave face in the worst of times. But this time i am not sure.
तुमसे हमेशा कुछ मांगता ही रहा, देने के लिए मेरे पास है भी क्या. I ask you again, please remember us and keep the commitment you have made to me and Bhole. Grow big but not like your illustrious predecessors who went to Mumbai.
We love you and will miss you more than you will ever know.
Team Anubhuti


इफ्तार कार्यक्रम

February 18, 2013

पटियाली (ब्यूरो)। कसबा के अमीर खुसरो पुस्तकालय में अनुभूति सेवा समिति की ओर से रोजा इफ्तार कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहां पर हजारों की संख्या में मुसलिम समाज के लोगों ने रोजा इफ्तार पार्टी में शिरकत कर नमाज अदा की और अल्लाह ताला से अमन चैन की दुआएं मांगी। इस मौके पर मोहित गुप्ता, धर्मेंद्र सचान, पूर्व चेयरमैन आबाद हुसैन, सपा नगर अध्यक्ष हशमत अली, नसीम मंसूरी चमन कुरैशी, सतेंद्र पांडेय, शाहिद मलिक, मलिक एम साजिद कलम, साहिद खान, अमजद खान आदि उपस्थित थे।


श्रद्धांजली

March 11 2013

कामयाबी का पाठ

August 19, 2012

अनुभूति ने पढ़ाया कामयाबी का पाठ कैरियर बनाने के लिए छात्रों को दिए टिप्स पटियाली। अनुभूति सेवा समिति द्वारा मेधावी एक बड़े कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। तहसील क्षेत्र के इंटरमीडिएट में 75 प्रतिशत और हाईस्कूल में 80 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले छात्र-छात्राओं को इस अवसर पर पुरस्कृत किया गया।
दिल्ली से आए सीबीआई के डीआईजी अमित कुमार ने कहा कि पिछड़े क्षेत्र में प्रतिभाओं के सम्मान और पुरस्कृत करने से उन्हें आ गे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। समारोह में मौजूद विद्यार्थियों को अधिकारी बनने के टिप्स भी दिए गए । अनुभूति सेवा समिति के द्वारा आमंत्रित अतिथियों ने कहा कि कंपीटीशन की तैयारी करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी हासिल करें और संबंधित परीक्षा के 10 वर्ष के प्रश्न पत्रों का भली भांति अवलोकन कर लें। इससे कंपीटीशन की तैयारियों से संबंधित प्रश्नों के बारे में खासी जानकारी हो जाती है।उन्होंने कहा कि अनुभूति का संकल्प है कि पटियाली जैसे पिछडे़ क्षेत्र में इसी तरह के रचनात्मक कार्य कर प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका दिया जाए।
समिति की अध्यक्षा किरण यादव ने उपस्थित आगुंतकों का आभार जताते हुए समिति द्वारा कराए गए रचनात्मक कार्यों के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर मु. असलम एडीसनल जीएमबीएसएनएल, अजय मिश्रा, सुधीर त्यागी, धर्मेंद्र सचान, शैलेंद्र सिंह, मोहित गुप्ता, संजय यादव, मनीष चौहान, संजीव कुमार प्रधानाचार्य, रामकिशन दीक्षित, प्रो. साहिद अली, साहिद मलिक, मलिक एम साजिद कलम, सतेंद्र पांडेय आदि उपस्थित थे।


पुस्तक मेला

August 19, 2012

अनुभूति सेवा समिति के तत्वावधान में शनिवार को पटियाली तहसील के अमीर खुसरो पुस्तकालय पर आयोजित दो दिवसीय पुस्तक मेला में पुस्तक प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और मनपसंद पुस्तकों की खरीददारी की। पुस्तक मेले का उद्घाटन अनुभूति सेवा समिति की अध्यक्ष किरण यादव ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि छात्रों को जीवन में उन्नति के लिए ज्ञानवर्धक पुस्तकों को अपना साथी बनाना चाहिए। पुस्तकों को
सिर्फ टाइमपास समझकर न पढ़े, बल्कि प्रेरणा लें। उनके आदर्शों को जीवन में उतारें। उन्होंने कहा, पटियाली क्षेत्र शिक्षा में पिछड़ा है, इसलिए उनकी टीम ने नेशनल बुक ट्रस्ट व स्वराज प्रकाशन के सहयोग से दो दिवसीय पुस्तक मेले का आयेाजन कराया है । समिति अध्यक्ष ने बताया, प्रदर्शनी में राष्ट्रीय स्तर की उच्च गुणवत्ता की पुस्तकें विशेष छूट पर उपलब्ध है।
उन्होंने आगे कहा कि अनुभूति जल्द ही उर्दू सेंटर, कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर और पुस्तकालय शुरू करेगी।
इस अवसर पर मनीष चौहान, संजय यादव, डॉ. शाहिद, चौधरी आरिफ, धर्मेन्द्र सचान, कुंवर असीम अली, मुहम्मद खालिद, समीर कृष्ण, राजबहादुर, शाहिद मलिक, इमरान, मो. शाहिद, साजिद, बब्लू वाष्ण्रेय, अमजद आदि उपस्थित थे।


प्रतिभा सम्मान समारोह

July 30, 2012

प्रतिभा सम्मान समारोह 12 अगस्त को
पटियाली (ब्यूरो)। तहसील क्षेत्र के जिन मेधावी छात्र, छात्राओं ने हाईस्कूल 2012 में 80 प्रतिशत या इससे अधिक अंक तथा इंटर की परीक्षा 2012 में 75 प्रतिशत या इससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं, को अनुभूति सेवा समिति पुरस्कृत व सम्मानित कर प्रशस्ति पत्र प्रदान करेगी। आगामी 12 अगस्त रविवार को सुबह 10 बजे अमीर खुसरो पुस्तकालय में शत प्रतिशत श्रेष्ठ परीक्षाफल देने वाले स्कूलों के प्रधानाचार्यो व प्रबंधकों को भी सम्मानित किया जाएगा। विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य के लिए इसी दिन कैरियर काउंसलिंग सेमीनार का आयोजन किया जाएगा। समिति की अध्यक्ष व आयोजक किरन यादव ने प्रतिभाशाली छात्र छात्राओं से नि:शुल्क रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की है।


Workshop for the Volunteers

July 30, 2012

16th-17th June we organised a workshop for the volunteers. It was made possible with the efforts and contributions from Dr. Manoj k. Jha, Dr. Mohd.Shahid, Dr.Neena Pandey, Dharmendra Sachan, Sudhir Tyagi, Mohit Gupta, Mohd. Arif, Arun Pathak, Rajeev Rai, Tabrez Ahmad, Anuj Saxena , Sakhawat Hussain & Amarjeet Singh who took a lot of pains to travel from far off distances. Prabhat Bhai could not make it as he was away to Bihar. But his contribution stood out.
The journies were by and large comfortable. Yamuna Expressway made them easier and faster. Stay was far from comfortable but Manoj Bhai, Rajeev and Tabrez Bhai were slightly better placed.
The two day sessions were made interesting and lively by Manoj Bhai. There was active participation from the volunteers and the sentiment was positive.Lots of suggestions have come up and we are drawing future programmes accordingly.
Rajeev was requested to pen the details of the workshop but it seems he has not been able to find time. May be Shahid or Neena will take the pains and do the needful.


तटवर्ती गांवों में आपदाओं से बचाव का दिया प्रशिक्षण

April 11, 2012

प्रशिक्षण देकर बांटे अग्निशमन यंत्र पटियाली। तहसील पटियाली के दो दर्जन से अधिक तटवर्ती गांवों प्राकृतिक और अप्राकृतिक आपदाओं के लिए जनपदभर में चर्चित है। तहसील के तटवर्ती गांव नैथरा, राजा रिजोला, उस्मानपुर, नरदोली में पहुंचकर अनुभूति सेवा समिति के कार्यकर्ताओं और नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथोरिटी आफ इंडिया के एक्सपर्ट एसके शर्मा ने सैकड़ों ग्रामीणों को प्रशिक्षण दिया कि वह किस प्रकार बाढ़ और अग्निकांड के समय अपनी और अपने परिवार की सहायता कर सकते हैं।
प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ग्राम प्रधान नरदोली को अनुभूति की टीम ने चार अग्निशमन के सिलेंडर भी प्रदान किए। समिति की अध्यक्ष किरन यादव ने इस मौके पर जानकारी दी कि समिति द्वारा जनवरी 2012 में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स और छात्रों द्वारा बाढ़, अग्निकांड, सड़क, शिक्षा आदि पर शोधकार्य किए थे, उनकी रिपोर्ट तैयार हो गई है। इसको शीघ्र मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को मिलकर सौंपा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि तटवर्ती गांवों में तटबंध की मरम्मत, बांधो का निर्माण, स्टंट, एप्रेन आदि का प्रजेंटेशन तैयार कर लिया गया है। उससे भी मुख्यमंत्री महोदय को अवगत कराया जाएगा। ताकि हर वर्ष प्राकृतिक आपदाओं को झेलते आ रहे ग्रामीणों को कुछ मदद मिल सके।


The Journey that was Not

March 29, 2012

We had planned to visit Patiyali on 24th & 25th March. Shahid had kindly consented to join and so had Mohit. But the call of duty did not let that happen.
That aside we were quite ill prepared. Despite having decided long back that the first issue of the news letter would be ready by 24th March we are no where near to even the first draft. Disaster Management programme particularly with a view to fight the menace of fires, could also not be tied up.
No full stops, therefore, we need to get our act together. And get Going.
Team Anubhuti


अग्नि पीड़ितों को अनुभूति ने बांटी सहायता

February 18, 2013

पटियाली
बीती 19 फरवरी को कटरी क्षेत्र के ग्राम नैथरा में हुये भीषण अग्निकांड के पीड़ितों पर अनुभूति सेवा समिति के सदस्यों ने मरहम लगाया। समिति की अध्यक्षा किरन यादव की ओर से प्रत्येक अग्नि पीड़ित को खाद्य सामग्री के बैग वितरित कराए गए।
समिति की अध्यक्षा किरन यादव ने कंचन सिंह की दोनों पुत्रियों रजनी व ऊषा की शादी के लिए दहेज उपलब्ध कराया। अग्निकांड में कंचन सिंह का मकान भी जलकर राख हो गया था। जिसमें दोनों बेटियों की शादी का दहेज का सामान व एक ट्रैक्टर भी अग्निकांड की भेंट चढ़ गया था। समिति ने रजनी और ऊषा की शादी के लिये दहेज और खाने पीने की अन्य सामग्रियां भी उपलब्ध कराईं


Aditi College visit to Patiyali

January 23, 2012

The visit of Aditi College students to Patiyali was finally scheduled for 10th January 2012. The winter chill was scary and the political scene hotting up in UP was making things difficult. An all girls delegation in UP always generates tension in the minds of organisers and the hosts. Shahid and Sajid wanted dates revisited.But postponement didnt seem to be any solution so we decided to go ahead.
When the students left in the bus at 9 AM we all hoped they would reach Sidhpura by 5 PM. At 3 PM they had just left Bulandshahar. Well, they were going to have one long journey.Shahid left around 10AM and reached Sidhpura at 430 PM. The tone of his voice at around 6 suggested that all was not well so far as the arrangements were concerned. He alongwith Sajid and others sorted out issues of concern before the Aditi team reached there at 845 PM.
As soon as they landed at Brij Guest House in Sidhpura where the stay arrangements were made, complaints were lodged with the police that a contingent of 40 girls had come to campaign for Shyam Sundar Gupta who owns the guest house and is incidently a candidate for the assembly elections. Dr. Neena Pandey spoke to the SP and explained the purpose of the visit and then the things settled.
Kalani, Ganeshpaur and Gajaura villages were visited by the students. They interacted with the community and did exceptionally good work. Anubhuti did try to see that their stay was comfortable but then there might have been some slips here and there. Return journey was long and tiring as the bus went out of order near Mathura. The group could reach Delhi around 2 AM. All is well that ends well.
Thanks are due to the entire team of Aditi College for having reposed faith in Anubhuti and having taken the pains to come to Patiyali. Thanx Shyam bhai for helping us host the event. Thanx Dr. Shahid, Sajid, Babloo, Shahid, Amjad, Manish and Sanjay Bhai and all Anubhuti members for being there through thick and thin. Thanx Dharmendra and Sarikaji for reaching on the final day. Thanx Gyanendra for having travelled from Aligarh to Patiyali and be a part of the proceedings. Thanx Shailendra for hosting the group at Agra.
If we have missed any we will make up in March when we get together for a brainstorming.
Team Anubhuti.


The Computer Centre

February 18, 2013

Last year when we met in the first workshop for the volunteers Tabrez Bhai had mentioned that we should go for a Centre of NCPUL (National Council for the Promotion of Urdu Language) at Patiyali as it would not only help the promotion of Urdu language but also bring Computer education to this area. Some of us at the end of the workshop were wondering as to what is the 'Take Home' from the workshop? This Republic Day when the Centre opened at Patiyali, there were smiles all around. In fact it was euphoria.
Crossing all hurdles we were able to get the Centre inaugurated on 26th January by Rajyavardhan Singh Rathore. The credit for the entire show goes to Tabrez Bhai, Mohit Gupta & Malik M. Sajid. Timelines were difficult, there were too many loose ends and yet we did it. And we did it in a manner that every body was thrilled. Rajyavardhan got a very warm welcome and he was dignity and grace personified. Thanx Rajyavardhan for the pains you took to travel that far and being a part of the proceedings. Do forgive us if there were any slip ups.
Thanx Tabrez Bhai for every thing you did to make the event happen. Thanx Mohit for having been the anchor of the show in more ways than one. Thanks Sachin for providing the car. Thanx Anuj Saxena for organising the Centre. Thanx Rajeev Rai for being there and making the speech you made. Thanks Alok, Arun, Kamal, Arif for being there. Thanks Dharmendra, Sudhir, Yogendra & Amarjeet.
Thanks Shahid for the flight you took from Hyderabad to conduct the programme. Thanks Neena, you came and gave that much needed company to Kiran Yadav. Prabhat Bhai your presence and enthusiasm lifted us. Thanx a lot. Thanks Gyanendra for contributing despite being unable to attend.
What do we say to Sajid. Words fail and Thanx is too small a word to convey what you have been like. Thanx Sanjay & Manish Bhai. Thanks Babloo, Bhaskar, Poornesh, Dhananjay, Rakesh Bhai, Saajan for joining.
There was a lot of tension, freighed nerves, but everything fell in place. The synchronization was perfect and finish was elegant. Thank you one and all. Let us hope we better this soon.
Team Anubhuti


The Computer Centre

February 18, 2013

Last year when we met in the first workshop for the volunteers Tabrez Bhai had mentioned that we should go for a Centre of NCPUL (National Council for the Promotion of Urdu Language) at Patiyali as it would not only help the promotion of Urdu language but also bring Computer education to this area. Some of us at the end of the workshop were wondering as to what is the 'Take Home' from the workshop? This Republic Day when the Centre opened at Patiyali, there were smiles all around. In fact it was euphoria.
Crossing all hurdles we were able to get the Centre inaugurated on 26th January by Rajyavardhan Singh Rathore. The credit for the entire show goes to Tabrez Bhai, Mohit Gupta & Malik M. Sajid. Timelines were difficult, there were too many loose ends and yet we did it. And we did it in a manner that every body was thrilled. Rajyavardhan got a very warm welcome and he was dignity and grace personified. Thanx Rajyavardhan for the pains you took to travel that far and being a part of the proceedings. Do forgive us if there were any slip ups.
Thanx Tabrez Bhai for every thing you did to make the event happen. Thanx Mohit for having been the anchor of the show in more ways than one. Thanks Sachin for providing the car. Thanx Anuj Saxena for organising the Centre. Thanx Rajeev Rai for being there and making the speech you made. Thanks Alok, Arun, Kamal, Arif for being there. Thanks Dharmendra, Sudhir, Yogendra & Amarjeet.
Thanks Shahid for the flight you took from Hyderabad to conduct the programme. Thanks Neena, you came and gave that much needed company to Kiran Yadav. Prabhat Bhai your presence and enthusiasm lifted us. Thanx a lot. Thanks Gyanendra for contributing despite being unable to attend.
What do we say to Sajid. Words fail and Thanx is too small a word to convey what you have been like. Thanx Sanjay & Manish Bhai. Thanks Babloo, Bhaskar, Poornesh, Dhananjay, Rakesh Bhai, Saajan for joining.
There was a lot of tension, freighed nerves, but everything fell in place. The synchronization was perfect and finish was elegant. Thank you one and all. Let us hope we better this soon.
Team Anubhuti


The Computer Centre

February 18, 2013

Last year when we met in the first workshop for the volunteers Tabrez Bhai had mentioned that we should go for a Centre of NCPUL (National Council for the Promotion of Urdu Language) at Patiyali as it would not only help the promotion of Urdu language but also bring Computer education to this area. Some of us at the end of the workshop were wondering as to what is the 'Take Home' from the workshop? This Republic Day when the Centre opened at Patiyali, there were smiles all around. In fact it was euphoria.
Crossing all hurdles we were able to get the Centre inaugurated on 26th January by Rajyavardhan Singh Rathore. The credit for the entire show goes to Tabrez Bhai, Mohit Gupta & Malik M. Sajid. Timelines were difficult, there were too many loose ends and yet we did it. And we did it in a manner that every body was thrilled. Rajyavardhan got a very warm welcome and he was dignity and grace personified. Thanx Rajyavardhan for the pains you took to travel that far and being a part of the proceedings. Do forgive us if there were any slip ups.
Thanx Tabrez Bhai for every thing you did to make the event happen. Thanx Mohit for having been the anchor of the show in more ways than one. Thanks Sachin for providing the car. Thanx Anuj Saxena for organising the Centre. Thanx Rajeev Rai for being there and making the speech you made. Thanks Alok, Arun, Kamal, Arif for being there. Thanks Dharmendra, Sudhir, Yogendra & Amarjeet.
Thanks Shahid for the flight you took from Hyderabad to conduct the programme. Thanks Neena, you came and gave that much needed company to Kiran Yadav. Prabhat Bhai your presence and enthusiasm lifted us. Thanx a lot. Thanks Gyanendra for contributing despite being unable to attend.
What do we say to Sajid. Words fail and Thanx is too small a word to convey what you have been like. Thanx Sanjay & Manish Bhai. Thanks Babloo, Bhaskar, Poornesh, Dhananjay, Rakesh Bhai, Saajan for joining.
There was a lot of tension, freighed nerves, but everything fell in place. The synchronization was perfect and finish was elegant. Thank you one and all. Let us hope we better this soon.
Team Anubhuti


The Computer Centre

February 18, 2013

Last year when we met in the first workshop for the volunteers Tabrez Bhai had mentioned that we should go for a Centre of NCPUL (National Council for the Promotion of Urdu Language) at Patiyali as it would not only help the promotion of Urdu language but also bring Computer education to this area. Some of us at the end of the workshop were wondering as to what is the 'Take Home' from the workshop? This Republic Day when the Centre opened at Patiyali, there were smiles all around. In fact it was euphoria.
Crossing all hurdles we were able to get the Centre inaugurated on 26th January by Rajyavardhan Singh Rathore. The credit for the entire show goes to Tabrez Bhai, Mohit Gupta & Malik M. Sajid. Timelines were difficult, there were too many loose ends and yet we did it. And we did it in a manner that every body was thrilled. Rajyavardhan got a very warm welcome and he was dignity and grace personified. Thanx Rajyavardhan for the pains you took to travel that far and being a part of the proceedings. Do forgive us if there were any slip ups.
Thanx Tabrez Bhai for every thing you did to make the event happen. Thanx Mohit for having been the anchor of the show in more ways than one. Thanks Sachin for providing the car. Thanx Anuj Saxena for organising the Centre. Thanx Rajeev Rai for being there and making the speech you made. Thanks Alok, Arun, Kamal, Arif for being there. Thanks Dharmendra, Sudhir, Yogendra & Amarjeet.
Thanks Shahid for the flight you took from Hyderabad to conduct the programme. Thanks Neena, you came and gave that much needed company to Kiran Yadav. Prabhat Bhai your presence and enthusiasm lifted us. Thanx a lot. Thanks Gyanendra for contributing despite being unable to attend.
What do we say to Sajid. Words fail and Thanx is too small a word to convey what you have been like. Thanx Sanjay & Manish Bhai. Thanks Babloo, Bhaskar, Poornesh, Dhananjay, Rakesh Bhai, Saajan for joining.
There was a lot of tension, freighed nerves, but everything fell in place. The synchronization was perfect and finish was elegant. Thank you one and all. Let us hope we better this soon.
Team Anubhuti